मुनाफ़िक़त
ख़तीब साहब ज़रा सा लेट हो गया इतने में एक दीवाना पागल मिम्बर पर खुतबा देने पहुंच गया।... लोगों से नीचे उतारने की बहुत कोशिश की मगर एक ज़िम्मेदार शख़्स में उन्हें मना कर दिया.. वो पागल इंसान मिम्बर पर बैठा और ख़ुतबा देने लगा... तमाम हम्द और तारीफ़ अल्लाह के लिए जिसने हम सबको दो यानी (मां_बाप) से पैदा किया और दो जिन्सो मर्द और औरत में तक़सीम किया... फिर उनमें से कुछ लोगों को मालदार बनाया ताकि वह ख़ुदा का शुक्र अदा करें और कुछ लोगों को ग़रीब छोड़ा ताकि वो सब्र करें... मगर ना तो मालदार लोग शुक्र करते नज़र आते हैं और ना ग़रीब लोग सब्र करते दिखाई देते हैं दोनों पर अल्लाह की लानत हो.!!