उन_चीज़ों_का_बयान_जिनसे_मोहताजी_और #तंगदरती_आती_है ।
● गुनाहों में मुब्तिला रहना। ● ज़िना करना। ● झूट बोलना। ● झूटी कसमें खाना। ● बरहना (नंगे) पेशाब करना। ● रात में झाडू देना। ●बगैर हाथ , मुँह धोए हालते जनाबत (नापाकी की हालत) में खाना। ● पायजामा या दामन या आँचल से मुँह पोंछना। ● हद से ज्यादा सोना। ● रात में नंगा होकर सोना। ● फकीरों से रोटी के टुकड़े खरीदना। ● खुश्क बालों में कंघा करना या खड़े होकर बाल काढ़ना।. ● टूटा हुआ कंघा इस्तेमाल करना। ● माँ - बाप का नाम लेकर पुकारना। ● कैंची से मूए ज़ेरे नाफ़ साफ़ करना। ●चालीस दिन से ज़्यादा मूए जेरे नाफ़ का दूर न करना। ● बुजुर्गों के आगे चलना। ● दरवाजे पर बैठने की आदत बनाना। ● घर से मकड़ी के जाले को दूर न करना। ● जूंको ज़िन्दा छोड़ देना। ● नमाज़ में सुस्ती करना। ● फटे हुए कपड़े को न सीना। ● सुबह के वक़्त सोना। ● औलाद पर बावजूद मालदारी के तंगी करना। ●खाने के बाद बर्तन साफ न करना। ● अहलो अयाल से लड़ते रहना। ● मय्यत के करीब बैठकर खाना। ● खाने पीने के बर्तन खुले हुए रखना। ● चिराग फूंक मारकर बुझाना। ● बाज़ार में सबसे पहले जाना और बाद में आना। ● औंधे जूते को देखना और उसको सीधा न करना। ● औलाद को गा...