आसमान में एक से ज्यादा सूरज के द्रश्य के बारे में ।



       कुछ मरतबा आसमान में अदभुत द्रश्य देखने मिलते है की आसमान में एक साथ दो या तीन सूरज हो ऐसा लगता है। वर्तमान में चीन और सूदान जैसे देशो में भी ये द्रश्य देखने मिले है।


       मुद्दे की बात यह है की जब भी ऐसे अदभुत द्रश्य देखने मिलते है तब लोग उसकी वीडियो निम्न बातों के साथ शेयर करते है।


❖ अब क़यामत बहुत ही करीब है।


❖ आसमान में एक साथ दो-तीन सूरज का दिखना कयामत की सबसे बड़ी निशानी है।


❖ अब तौबा के दरवाजे बंद हो जाएँगे।


❇️ सबसे पहली बात की आसमान में दो-तीन सूरज के द्रश्य के बारे में वैज्ञानिक और खगोलविदों का कहना हैं की यह द्रश्य अपनी आँखों का धोखा होता है। जिसे सामान्य परिभाषा में "सन डॉग" (Sun dog) कहते है। जो सूरज के आसपास बने हुए प्रकाश के गोलाकार होते है। हकीकत में ऐसा कुछ भी होता नहीं है।


       और रही बात की एक से ज्यादा सूरज का दिखना कयामत की निशानी है तो यह बात बेबुनियाद, मनघड़ंत और बिल्कुल गलत है। क्यूंकि हदीष में सूरज का पश्चिम में तुलुअ होना क़यामत की निशानी बताई है। न की एक से ज्यादा सूरज का दिखना।


حَدَّثَنَا أَبُو هُرَيْرَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ ، قَالَ : قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ :    لَا تَقُومُ السَّاعَةُ حَتَّى تَطْلُعَ الشَّمْسُ مِنْ مَغْرِبِهَا ، فَإِذَا رَآهَا النَّاسُ آمَنَ مَنْ عَلَيْهَا ، فَذَاكَ حِينَ لَا يَنْفَعُ نَفْسًا إِيمَانُهَا ، لَمْ تَكُنْ آمَنَتْ مِنْ قَبْلُ ۔ 

(बुखारी शरीफ : ह.नं. 4635)


तर्जुमा:- रसुलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया की क़यामत तब तक नहीं आएगी जब तक सूरज पश्चिम से न तुलुअ हो। जब लोग यह द्रश्य देखेंगे तब वह ईमान कबूल करने लगेंगे। लेकिन वह पहले से ही ईमान नहीं रखते थे। उनका ईमान लाना उन्हें नफा नहीं देगा। (कबूल नहीं होगा)


       ईसलिए कोई भी अदभुत बात को क़यामत की निशानी समझना जिसका हदीषों में कोई उल्लेख न हो वो बेवकूफी के पात्र और गुनाहित कृत्य है।

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