सफ़र महीने के बारे में एक मनघड़ंत हदीष।
सफ़र का महिना इस्लामी केलेंडर का दुसरे नंबर का महिना है जिसमें बहुत सी मनघड़ंत और बेबुनियाद बातें जोड़ी गई है। और साथ ही सफ़र महीने के बारे में एक मनघड़ंत हदीष जो लोगों में प्रचलित हो रही है वह यह है की...
" रसुलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया की जो व्यक्ति सफ़र का महिना ख़त्म होने की खुशखबरी देगा उसे में जन्नत की खुशखबरी दूंगा।"
❇️ उपरोक्त हदीष के बारे में उलमा ने लिखा है की यह बात जो हदीष के नामी प्रचलित है मनघड़ंत और बेबुनियाद है।
सफ़र का महीना लोग नहूसत और अपशुकन का महिना समझते है ईसलिए यह महीने के बारे में रसुलुल्लाह ﷺ की ओर निस्बत करके झूठी बाते संबोधित करते है। ईसलिए रसुलुल्लाह ﷺ ने अपनी जिंदगी में ही यह बात का इन्कार करते हुए कहा की "सफ़र महीने के बारे में अपशुकन की कोई हकीकत नहीं है" (बुखारी)
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