तारों के परिभ्रमण से किस्मत जानने के बारे में ।


       लोगों में यह मान्यता भी बहुत प्रचलित है की तारों का परिभ्रमण इन्सान की किस्मत के लिए असरकारक होता है। और उसके द्रारा इन्सान की किस्मत भी निश्चित होती है।

       कुछ लोग तो यह विषय में इतने ज्यादा मुलव्विस होते है की रोज पेपर (अख़बार) में छपा हुआ "आज का भविष्य" शीर्षक के तहत मेष, वृषभ , मिथुन , कर्क वगैरह से अपना भविष्य देखते है।


❇️ उपरोक्त बात के तारों का परिभ्रमण किस्मत के लिए असरकारक होता है बिलकुल बेबुनियाद है। इस्लाम इस तरह की सभी मान्यताओ से मुक्त है। शरियत में ऐसा कुछ भी नहीं है। बल्कि ऐसी मान्यता मानने वाले इन्सान को अपने ईमान की फ़िक्र करनी चाहिए और खूब तौबा करनी चाहिए।


        ★ तक़दीर के बारे में हदीष में आता है की...


عَنْ عَبْدِ اللَّهِ ، حَدَّثَنَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَهُوَ الصَّادِقُ الْمَصْدُوقُ ، قَالَ :    إِنَّ أَحَدَكُمْ يُجْمَعُ خَلْقُهُ فِي بَطْنِ أُمِّهِ أَرْبَعِينَ يَوْمًا ، ثُمَّ يَكُونُ عَلَقَةً مِثْلَ ذَلِكَ ، ثُمَّ يَكُونُ مُضْغَةً مِثْلَ ذَلِكَ ، ثُمَّ يَبْعَثُ اللَّهُ مَلَكًا فَيُؤْمَرُ بِأَرْبَعِ كَلِمَاتٍ ، وَيُقَالُ لَهُ : اكْتُبْ عَمَلَهُ وَرِزْقَهُ وَأَجَلَهُ وَشَقِيٌّ أَوْ سَعِيدٌ ، ثُمَّ يُنْفَخُ فِيهِ الرُّوحُ فَإِنَّ الرَّجُلَ مِنْكُمْ لَيَعْمَلُ حَتَّى مَا يَكُونُ بَيْنَهُ وَبَيْنَ الْجَنَّةِ إِلَّا ذِرَاعٌ فَيَسْبِقُ عَلَيْهِ كِتَابُهُ فَيَعْمَلُ بِعَمَلِ أَهْلِ النَّارِ ، وَيَعْمَلُ حَتَّى مَا يَكُونُ بَيْنَهُ وَبَيْنَ النَّارِ إِلَّا ذِرَاعٌ فَيَسْبِقُ عَلَيْهِ الْكِتَابُ فَيَعْمَلُ بِعَمَلِ أَهْلِ الْجَنَّةِ ۔ ( البخاری : ۳۲۰۸ )


तर्जुमा:- (जो बात साबित करनी है उसका भाषांतर) रसुलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया के जब बच्चा उसकी माँ के पेट में होता है तब ही अल्लाह तआला उसके बारे में 4 फैसले फरिश्ते से लिखवाते है. (1) उसका अमल (2) उसकी रोजी (3) उसकी मुद्दत (उम्र) (4) और उसका नेक होना या बद (ख़राब) होना।


        ★ ईसी तरह भविष्यवाणी जानने के बारे में हदीष में आता है की...


عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، ‌‌‌‌‌‏قَالَ:‌‌‌‏ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ:‌‌‌‏  مَنْ أَتَى حَائِضًا، ‌‌‌‌‌‏أَوِ امْرَأَةً فِي دُبُرِهَا، ‌‌‌‌‌‏أَوْ كَاهِنًا فَصَدَّقَهُ بِمَا يَقُولُ، ‌‌‌‌‌‏فَقَدْ كَفَرَ بِمَا أُنْزِلَ عَلَى مُحَمَّدٍ . ( ابن ماجہ : ۶۳۹ )


तर्जुमा:- रसुलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया की जो व्यक्ति अपनी बीवी के साथ हैज (मासिक) के दिनों में हमबिस्तरी करे या अपनी बीवी के साथ पीछे के हिस्से में संभोग करे या कोई ज्योतिष के पास जाए या उसने दी हुई खबर को सच समझे तो उस व्यक्ति ने वह चीज का इंकार किया जो मुहम्मद ﷺ पर उतारी गई । (यानी की शरियत)


       ईसलिए तक़दीर के बारे में गलत मान्यताओ से बचना बहुत जरुरी है।

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